शिक्षक महेश सिंह ठाकुर में बहुमुखी प्रतिभा की झलक दिखती है , पर्यावरण जागरूकता ओर सामाजिक कार्यों में हमेशा ध्यान देते है
शिक्षक महेश सिंह ठाकुर में बहुमुखी प्रतिभा की झलक दिखती है , पर्यावरण जागरूकता ओर सामाजिक कार्यों में हमेशा ध्यान देते है
कवर्धा। शिक्षक का कार्य केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं होता। एक सच्चा शिक्षक अपने विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ-साथ समाज को जागरूक करने, लोगों को सही दिशा दिखाने और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है। शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर ऐसे शिक्षकों का उल्लेख आवश्यक है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के साथ-साथ समाज, पर्यावरण और जनजागरूकता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। नेवारी संकुल अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक *शाला मरपा* में भी पदस्थ शिक्षक *महेश सिंह ठाकुर* ऐसे ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व हैं, जिनका जीवन शिक्षा, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण और जनहितकारी कार्यों के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल है।
शैक्षणिक एवं विभागीय दायित्वों के साथ-साथ समाजहित के अनेक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज को जागरूक करने, सही दिशा देने और सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
*8 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण का निरंतर अभियान*
शिक्षक पिछले लगातार 8 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। कवर्धा शहर के विभिन्न कॉलोनी एवं सड़क किनारे हरीतिमा समूह के साथ मिलकर उन्होंने अब तक 14 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया है। जो शत प्रतिशत पेड़ बन गए है। जो चारों ओर हरियाली बिखेर रही है। उनके पर्यावरण अभियान की विशेषता केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करना भी है।
उनके द्वारा लगाए गए अधिकांश पौधे सुरक्षित हैं । सर्दी, गर्मी या बरसात—हर मौसम में बिना किसी अंतराल के वे नियमित रूप से पर्यावरण सेवा में जुटे रहते हैं। प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 9 बजे तक वे पौधों की देखभाल और संरक्षण के लिए अपना समय समर्पित करते हैं।
उनके पर्यावरण कार्यों का प्रभाव आज स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। हजारों पौधों के संरक्षण से हरियाली में वृद्धि हुई है, वातावरण को स्वच्छ बनाने में योगदान मिला है तथा पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं के लिए प्राकृतिक आश्रय विकसित हुए हैं। उनके निरंतर प्रयासों से समाज में पौधारोपण के साथ-साथ पौधों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूकता बढ़ी है।
*शिक्षा एवं समाज निर्माण में सक्रिय योगदान*
शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया है। कोरोना काल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उन्होंने लोगों को जागरूक करने और समाजहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागीय दायित्वों के अंतर्गत उन्होंने निर्वाचन एवं जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।
*कुशल मंच संचालक के रूप में विशिष्ट पहचान*
शिक्षक महेश सिंह ठाकुर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और जनहितकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार में भी निरंतर सक्रिय रहे हैं। एक कुशल एवं प्रभावशाली मंच संचालक के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
विकसित भारत संकल्प यात्रा, जन समस्या निवारण शिविर, सुशासन तिहार सहित विभिन्न शासकीय एवं जनहितकारी कार्यक्रमों में उन्होंने 200 से अधिक स्थानों पर मंच संचालन किया है। उनकी प्रभावशाली वाणी, उत्कृष्ट संवाद शैली और मंच संचालन क्षमता ने शासकीय योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
*किए गए प्रमुख कार्यक्षेत्र एवं रचनात्मक गतिविधियाँ*
अपने शैक्षणिक एवं विभागीय दायित्वों के अलावा शिक्षक ने अनेक सामाजिक, शैक्षणिक और जनहितकारी गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके प्रमुख कार्यक्षेत्रों में—
पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन, डिजिटल साक्षरता, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता, जनसम्मान एवं सामाजिक गतिविधियाँ, स्मार्ट क्लास का संचालन, मतदाता जागरूकता, साक्षरता अभियान, नशा मुक्ति अभियान, स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान तथा विद्यार्थियों के लिए कैरियर मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण एवं रचनात्मक कार्य शामिल हैं।
इन कार्यों के माध्यम से उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने, विद्यार्थियों को नई दिशा देने तथा लोगों को विभिन्न सामाजिक विषयों के प्रति प्रेरित करने का निरंतर प्रयास किया है।
*शिक्षा के प्रति अद्भुत समर्पण*
उनकी प्रमुख शैक्षणिक योग्यताओं में एमएससी. आईटी., एम.ए. अंग्रेजी, एम.ए. अर्थशास्त्र, एम.ए. समाजशास्त्र और एम.ए. हिंदी साहित्य सहित छह विषयों में मास्टर डिग्रियाँ शामिल हैं।
*सम्मान और उपलब्धियाँ*
उनके उत्कृष्ट कार्यों एवं समाज के प्रति समर्पण को शासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर सम्मानित किया गया है। उन्हें प्राप्त प्रमुख सम्मानों में राज्यपाल पुरस्कार, मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण, शिक्षा दूत सम्मान, छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान, शिक्षा मार्तण्ड पुरस्कार तथा स्वतंत्रता दिवस पर उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, योग, मतदाता जागरूकता, साक्षरता, नशा मुक्ति, स्वच्छता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कैरियर मार्गदर्शन एवं अन्य सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के लिए शासन, समाज एवं विभिन्न संस्थाओं और संगठनों द्वारा उन्हें अब तक 500 से अधिक प्रशस्ति पत्र, प्रमाण-पत्र एवं सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। 






